वो खुशी की नहीं… दर्द छुपाने की आदत है।
अजीब मुक़ाम से गुजरा है क़ाफ़िला ज़िंदगी का ,
वो कहते थे कि तुम्हारे बिना जी नहीं सकते,
जो किसी बेपरवाह से बे-पनाह इश्क करते है।
यु न खिल खिल के हँसा कर उदास लोगो पे ऐ दोस्त,
पर टूटा भरोसा आज भी उसे सोने नहीं देता।
जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना,
हुस्न पर क्या इतराना जिसकी औकात ही बिस्तर तक है…!
जख्म का निशा नही है Sad Shayari in Hindi और दर्द का इलाज नहीं…!
जब मेरे ज़ख़्मों की कहानी सिर्फ़ मैं ही जानता हूँ।
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
तेरी यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।
दुखी मन के लिए दो लाइन की शायरी क्या है?
तेरे बिना ये ज़िंदगी— अपने जैसी भी नहीं लगती अब।